हिंदी साहित्य के जाने-माने साहित्यकार मंगलेश डबराल का 72 साल की उम्र में निधन हो गया। वे कोरोना संक्रमित थे। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित, हिंदी के प्रख्यात लेखक, कवि और पत्रकार श्री डबराल के निधन पर दुःख व्यक्त किया है। राज्यपाल ने कहा कि मंगलेश डबराल के निधन से हिंदी साहित्य जगत के साथ ही पत्रकारिता को भी बहुत बड़ी क्षति हुई है। उन्होंने अपनी प्रतिभा से हिंदी साहित्य जगत में उच्च कोटी के साहित्यकार और कवि के रूप में अलग पहचान बनाई। उनकी अद्भुत साहित्यिक रचनाओं के लिए उन्हें सदैव याद किया जाता रहेगा। वही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने भी मंगलेश डबराल के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि साहित्यकार मंगलेश डबराल अपनी कविताओं, गद्य और अनुवाद के कारण साहित्य जगत में विशेष पहचान रखते थे। उनके प्रसिद्ध रचनाओं में ‘पहाड़ का लालटेन’,’ घर का रास्ता’ जैसे कई साहित्य शामिल थे।