परम्परागत कृषि उत्पादों को बढ़ावा दें: जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया

चमोली में वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना और दीनदयाल गृह आवास विकास योजना के तहत कल हुए साक्षात्कार में 38 बेरोजगार युवाओं को चयन करते हुए 5 करोड, 87 लाख की स्वरोजगार योजनाओं को मंजूरी दी गई। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय चयन समिति ने पर्यटन विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत प्राप्त आवेदनों का गहराई से परीक्षण करते हुए साक्षात्कार के माध्यम से योग्य लाभार्थियों का चयन किया। वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत वाहन मद में 16, गैर वाहन मद में 5 और दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास के तहत 17 लाभार्थियों का चयन किया गया। जबकि वाहन मद में 2 और होम स्टे के लिए 1 आवेदक साक्षात्कार में शामिल नही हुए। जिलाधिकारी ने सभी चयनित लाभार्थियों को पर्यटन स्थलों, होम स्टे और अन्य संचालित योजनाओं की जानकारी भी शेयर करने को कहा। ताकि वाहन मद में चयनित लाभार्थी टूरिस्टों को हमारे पर्यटक स्थलों और होम स्टे तक पहुॅचा सके। साथ ही बैकर्स को भी सभी स्वीकृत आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए ऋण आवंटित करने के निर्देश भी दिए।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी वृजेन्द्र पांडेय ने बताया कि वीर चन्द्र सिंह गढवाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत वाहन मद में व्यावसायिक वाहन खरीद के लिए 25 प्रतिशत अनुदान और गैर वाहन मद में होटल, फास्टफूड सेन्टर, वर्कशाॅप, वोटिंग, एगलिं के लिए 33 प्रतिशत अनुदान पर 40 लाख की सीमा तक ऋण स्वीकृत किया जाता है। इससे पूर्व जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने उद्यान विभाग में संचालित परम्परागत कृषि विकास योजना के अन्तर्गत किसानों के जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने और मार्केट उपलब्ध कराने के लिए ग्वाड क्लस्टर के किसानों को उपलब्ध कराई ,कैनोपी का उद्घाटन भी किया। इसके साथ ही जिले में किसानों के जैविक उत्पादों का कैनोपी के माध्यम से विपणन शुरू हो गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि परम्परागत कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने और कृषकों के उत्पादों को सीधे बाजार उपलब्ध कराने के लिए कैनोपी से विपणन की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कैनोपी लगाने के लिए उचित स्थान चिन्हित करने को कहा। ताकि काश्तकारों को इससे अच्छी आजीविका मिल सके। ग्वाड क्लस्टर में 65 किसान जुड़े है। उद्यान विभाग द्वारा इस क्लस्टर को कैनोपी उपलब्ध कराई गई है। इस कैनोपी के माध्यम से किसानों द्वारा उत्पादित राई, लौकी, कद्दू, बैंगन, करेला, ककडी, नीबू, कीबी, अमरूद आदि जैविक उत्पादों का सीधे विपणन शुरू किया गया है। इसके अलावा मंडुवा, झंगोरा, दालें और धान भी इस कैनोपी से खरीदी जा सकती है। इस योजना से उपभोक्ताओं को तरोताजा जैविक उत्पाद मिल रहे है वही किसानों को भी इसके अच्छे दाम मिलेंगे।

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