एसटीएफ और साइबर क्राईम पुलिस ने खनन विभाग के सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन फर्जी रॉयल्टी की कूटरचना कर अवैध खनन का व्यापार करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। 14 जुलाई को नोडल अधिकारी भूतत्व और खनिकर्म अधिकारी रश्मि प्रधान की तहरीर के पर मुकदमा दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि खनन विभाग की वेबसाइट पर ई-रवन्ना पोर्टल के माध्यम से एक फर्जी आईडी का प्रयोग करके अवैध खनन किया जा रहा है। आइडी का डाटा भी शातिर आरोपी डिलीट कर देता था। जांच में आईडी विक्रम सिंह बिष्ट के नाम से पंजीकृत थी और इससे खनन से जुड़े कई लोगों कीे जानकारी प्राप्त हुई थीे। इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह भी बात सामने आई है कि आरोपी ने उसके एक साथी से खनन कारोबार मे जल्दी ज्यादा मुनाफा कमाने की थी। उसके बाद फर्जी आईडी को अपने स्टोन क्रेशर पर इलेक्ट्राॅनिक माध्यम से मंगवायी और उसकी खरीद फरोख्त जारी रखी। खरीद फरोख्त से सम्बन्धित फर्जी रवन्ना और दस्तावेज अभियुक्त से बरामद कम्प्यूटर की हार्ड डिस्क से भी मिले हैं। कई अन्य जानकारियां भी प्राप्त हुई हैं। और कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुयी है। विवेचना में एनआईसी उत्तराखण्ड के एक अधिकारी की भी संलिप्तता के साक्ष्य मिले हैं, जिसके सम्बन्ध में विवेचनात्मक कार्यवाही चल रही है। अभियुक्त अनिल कुमार हाल सिद्धान्त स्टोन क्रेशर शहीद वाला ग्रांट बुग्गावाला, हरिद्वार उपरोक्त से बरामद लैपटॉप और फोन से अनेक महत्वपूर्ण सूचनायें एवं अवैध खनन कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के विषय में काफी महत्वपूर्ण सूचनायें मिली हैं।