बागेश्वर में आयोजित होने वाला उत्तराखंड का प्रसिद्ध ऐतिहासिक उत्तरायणी मेले में इस बार सिर्फ धार्मिक गतिविधियां होंगी। कोरोना महामारी के कारण इस बार मेले में न विकास प्रदर्शनी लगेगी और न ही सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इस बार सिर्फ कुली बेगारी प्रथा को 100 वर्ष पूरे होने पर रैली का आयोजन किया जाएगा। जिलाधिकारी विनीत कुमार की अध्यक्षता में उत्तरायणी मेले की तैयारी को लेकर हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि कोविड-19 के कारण इस बार के उत्तरायणी मेले में केवल धार्मिक अनुष्ठान के साथ गंगा स्नान और जनेऊ संस्कार चिह्नित स्थानों पर ही होंगे। इस बार मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम और व्यापारिक गतिविधियां नहीं होंगी। उत्तरायणी मेले में आने वाले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग करने, उन्हें अनिवार्य रूप से मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने, सैनेटाइजेशन और हाथ धोने के लिए व्यवस्था की जाएगी। मेले के लिए दो जोन और पांच सेक्टर बनाए हैं। यातायात व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए सात बैरियर प्वाइंट बनाए गए हैं, तथा मेले में 12 स्थानों में अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है।